Sunday, October 13, 2013

Nazar aata hai tu________Baadal


नज़र आता है तू_________बादल

रह रह के क्यूँ हर लम्हा याद आता है तू…..
फलक तो क्या हर ज़र्रे मे नज़र आता है तू….

बेकरारी हो या तड़प ये एतबार नही आता,          
बिखरती धूप मे हर रोज़ नज़र आता है तू….

खुदा कंहू या खुदाई समझ नही आता,
हर बात और नज़र मे नज़र आता है तू….

हर नाकाम कोशिश हुई और भुला नही जाता,
जंवा हर मुस्कुराहट मे नज़र आता है तू….

महोब्बत हो या इबादत मगर सकु नही आता,
सजदे के हर फूल मे नज़र आता है तू….

ग़ज़ल कंहु या रुबाई ये फ़ैसला हो नही पाता,
हर धड़कते दिल और जिंदगी मे नज़र आता है तू….

प्यासा तेरा हू ये सहरा ख़तम नही होता,
रात रोशन हर दिए मे नज़र आता है तू….


बादल

Tuesday, October 8, 2013

तन्हा खुशी________बादल


 तन्हा खुशी________बादल

सुर्ख आँखो को अपने अश्क़ों से धो लिया,
लहू जितना भी था उसे शब्दो में पिरो लिया,
चलते रहे जिंदगी के कदमो को हम यू ही...
इस तरह उम्र का एक पड़ाव हमने सँजो लिया,

खुशी दिखी कही तो बादल तन्हा मुस्कुरा लिया,
पढ़ अपने उकेरे शब्दो को खुद को बहला लिया,
बीते लम्हात हम याद करके फिर बैठे रहे यू ही...
जवानी का हर पल अपने प्यार पे ऐसे ही लूटा लिया,


बादल


Friday, October 4, 2013

इंतज़ार_________ बादल

अंजान राहो से भी तेरे लौट आने का इंतज़ार था,
यादे धुंधली हो रही थी मगर चेहरा याद था,
भीड़ लाखो की थी और तेरे पुकारने का इंतज़ार रहा....
हर सावन भूलता गया मगर पतझड़ याद था,

हर अजनबी आहट पे तेरे संदेशे का इंतज़ार था,
बादल खुदा को भुला मगर तेरा नाम याद था,
जिंदगी की ढलती शाम को तेरी सांसो का इंतज़ार रहा.....
जख़्मो का दर्द भुला मगर मिलो का सफ़र याद था,


बादल