Monday, July 28, 2014

मगरूर_____________बादल


तु खुदा तो नही फिर इतना मगरूर क्यूँ है…
गर खूबसूरत है तु , तो इतना गरूर क्यूँ है…
एक माटी का पुतला है तु भी सब की तरह…
तुझे अपने वजूद पे फिर इतना सरूर क्यूँ है …..

बादल  




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