Thursday, February 19, 2015

मेरी दुआ और प्यार......
दोनों मुकम्मल होने को तरसते हैं।

बादल 


Friday, February 13, 2015

माँ को नित प्रणाम करो, और दबाओ पाँव।
दुख भोगना नहीं पड़े, ऐसी माँ की छाँव।।
बादल


दिल्ली के दिल पर चले, खूब सियासी तीर।   
झेली पीड़ा तब मिला, इस प्यासी को नीर।।     
  बादल 

Sunday, January 25, 2015

कुछ मुस्क आज मेरे यार की फिजा मे है...... महसूस-ऐ-रूह तू कंही आस पास है। 

बादल            
         

Tuesday, January 20, 2015

अश्क हूँ मैं मुझसे तू यूँ प्यार ना कर,
देख खुद पे सितम तू यूँ बार-बार ना कर,
गिरती हैं रोज़ बिजलियाँ मुझपर मुफ़लिशि की,

मेरी गुरबत से ज़िंदगी तू यूँ तार-तार ना कर...... 
बादल

Friday, January 16, 2015

ठिठुरती रात की अब ठिठुरन नहीं जाती,
तेरे बेगैर नींद अब रात नहीं आती,
बदलते रहते है करवठ तुझे सोच-सोच कर,
मगर ज़ालिम रात की सहर नहीं आती।


बादल


Monday, December 22, 2014

मेरे अशकों की दास्ता... सब पूछते रहते है, और दर्द मे हम अपने... सुलगते रहते है, छुपा लिया खुदकों उन्होने, कफन के पीछे जबसे, परछाइयों मे भी... हम उन्हे ढूंड्ते रहते है..... बादल