Monday, May 19, 2014

जिंदगी..................बादल



कुछ बिखरे शब्दो सी लगती है जिंदगी,
नही मायूस पर उदास सी लगती है जिंदगी,
वहम है या ये मौसम का असर है,

बादल हूँ फिर भी प्यासी सी लगती है जिंदगी......

बादल

Tuesday, April 8, 2014

सफर__________बादल

अश्क़ों से हर्फो का सफर तय कर लिया,
जबसे तन्हा रहने का फैसला हमने कर लिया….

तमाशा बन गए थे जिस अपने के लिए,
उसकी बज्म से खुदकों रुकसत कर लिया....

मोहब्बत देके नाम उसकी, जफाओ को,
हमने खुदको जमाने मे बदनाम कर लिया....

दर्द-ए-जिंदगी की गलियो की ठोकरे छोड़,
खुदा के दर को हमने अपना घर कर लिया....

नहीं दिखाई देगा अब कोई फरेबी अक्स,
हर दरो दीवार से हमने पर्दा कर लिया....

कोरे कागज पर भी नज़र आते है मेरे अल्फ़ाज़,
जबसे लहू को अपने रोशनाई हमने कर लिया....


बादल


Tuesday, March 4, 2014

देखा है........

देखा है........

तेरे साए में खुदको महफूज देखा है,
तेरी आँखों में प्यार खूब देखा है....

झुकाके नज़रें फिर तेरा यूँ मुस्कुराना,
सच कंहू तेरे लबों पे अपना नाम देखा है....

दुआ करते हो रोज़ जिस परवरदिगार से,
उस दुआ मे शामिल मैंने खुदको देखा है....

खनकती है जब तुम्हारे हाथों की चूड़ियाँ,
उन चूड़ियों पे खनकते मैंने खुदको देखा है....  

जब ध्यान से सुनते हो मेरे हर्फो को,
तेरे लबो को उन्हें गुनगुनाते खूब देखा है....

बादल तो दीवाना था तेरा दीवाना ही रहेगा,
तेरी लकीरों मे दीदार मैंने खुदका देखा है....

नहीं ज़रूरत किसी इक़रार की इस इबादत को,
तेरे प्यार को रगो में उतरते खूब देखा है….

बादल

Tuesday, January 21, 2014

सर्द हवाएँ________बादल


सर्द हवाएँ मुझे कुछ यू रुला गयी….
कुछ यादे तो...कुछ दर्द बढ़ा गयी….
बिखरे पत्तो सी थी जो ज़ज्बात की बाते,
पुराने खत्तों से...सब याद वो दिला गयी….


बादल


Friday, December 27, 2013

याद आता है…............बादल

तुझसे ज्यादा तेरा वो दर्द याद आता है
हर शब्द और वो वादा याद आता है….
माफ़ कर देता गुनाह तेरे सारे मगर
फकीर के वेश मे वो रकीब याद आता है


बादल 

Sunday, October 13, 2013

Nazar aata hai tu________Baadal


नज़र आता है तू_________बादल

रह रह के क्यूँ हर लम्हा याद आता है तू…..
फलक तो क्या हर ज़र्रे मे नज़र आता है तू….

बेकरारी हो या तड़प ये एतबार नही आता,          
बिखरती धूप मे हर रोज़ नज़र आता है तू….

खुदा कंहू या खुदाई समझ नही आता,
हर बात और नज़र मे नज़र आता है तू….

हर नाकाम कोशिश हुई और भुला नही जाता,
जंवा हर मुस्कुराहट मे नज़र आता है तू….

महोब्बत हो या इबादत मगर सकु नही आता,
सजदे के हर फूल मे नज़र आता है तू….

ग़ज़ल कंहु या रुबाई ये फ़ैसला हो नही पाता,
हर धड़कते दिल और जिंदगी मे नज़र आता है तू….

प्यासा तेरा हू ये सहरा ख़तम नही होता,
रात रोशन हर दिए मे नज़र आता है तू….


बादल

Tuesday, October 8, 2013

तन्हा खुशी________बादल


 तन्हा खुशी________बादल

सुर्ख आँखो को अपने अश्क़ों से धो लिया,
लहू जितना भी था उसे शब्दो में पिरो लिया,
चलते रहे जिंदगी के कदमो को हम यू ही...
इस तरह उम्र का एक पड़ाव हमने सँजो लिया,

खुशी दिखी कही तो बादल तन्हा मुस्कुरा लिया,
पढ़ अपने उकेरे शब्दो को खुद को बहला लिया,
बीते लम्हात हम याद करके फिर बैठे रहे यू ही...
जवानी का हर पल अपने प्यार पे ऐसे ही लूटा लिया,


बादल